मंगलवार, 8 जनवरी 2013

सच तो ये है कि ......

सच तो ये है कि मै अब, याद नही करता हुँ उन्को,
ख्वाबो ख्यालो मे अक्सर,  आ ही जाते है मेरे वो।

रोज झटकता हुँ,  उन्की यादो को दिलो-दिमाग से ,
दिल के किसी कोने मे अक्सर, रह जाते है मेरे वो।

सोचता नही हुँ मै आजकल, उन्के बारे मे कुछ भी ,
हर लम्हा अहसास अपना, करा ही जाते है मेरे वो ।

दिल खुश हो या उदास, मै ऱहुँ भीङ मे या रहुँ तन्हा ,
क्या करुँ वक्त बेवक्त याद, दिला ही जाते है मेरे वो।   


{ अधीर }

30 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा बुधवार (09-01-13) के चर्चा मंच पर भी है | अवश्य पधारें |
    सूचनार्थ |

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  2. बहुत खूब .. जो दिल में हैं ... वो याद में हमेशा रहता है ...

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  3. वाह...
    बहुत बढ़िया गज़ल...
    बेहतरीन शेर.

    अनु

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  4. कहीं न कहीं बसे रहते हैं ख्याल ... खूबसूरत एहसास ।

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  5. वाह ... हर शेर लाजवाब ... बेहतरीन गज़ल

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  6. बहुत खूबसूरत एहसास..!
    दिल से लिखते हैं ...
    यूँ ही लिखते रहिये ....

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  7. बहुत ही खूबसूरत लिखा है.....बेहतरीन गज़ल

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  8. रोज झटकता हुँ, उन्की यादो को दिलो-दिमाग से ,
    दिल के किसी कोने मे अक्सर, रह जाते है मेरे वो ...

    वाह ... बुत खूबसूरत ओर लाजवाब शेर ...

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